What Can We Become?

What can we become?
What can we become?

What can we become?

Who are we? What is our existence? What else can you do?
This is a big odd question. But there is a very important question.

 
Man always gives his past accountability for his present glory. Responses to his family for his birth. But think of it

 A lotus, which blossoms in the mud, is likened to the image of God. A coal which nobody wants to touch soon. But the same coal, the heat and pressure of the ground, changes with the diamond.
 And the same diamond is adorned on the head. The conclusion of the examples is that it does not matter where you have taken birth.

Your deeds alone determines your level. Where we have born it is not under our control.
But how we will act is under our control. So do good deeds, do not criticize your birth.
Your identity is with your deeds
Good deeds can elevate human’s character

Think About Yourself

हम क्या बन सकते हैं?

हम कोन है ? हमरा अस्तित्व क्या है ? और क्या बन सक्ते है ? ये बड़ा विचित्र प्रश्न है  | परन्तु उतनाहि महत्वपुर्न प्रश्न है।
मनुष्य सदैव अपनेवर्तमान प्रारब्धके लिए अपने अतीत को उत्तरदाई ठहराता है | अपने जन्म के लिए अपने परिवार को उत्तरदाईठहराताहै | परंतु तनिक सोचिए |
एक कमल जो कीचड़ में खिलता है, वही भगवान की मूरत पर शोभित होता है | एक कोयला जिसे शीघ्र ही कोई भी नहींछूना चाहतापरंतु वही कोयला , भूमि का ताप और दबाव सहकर हीरे में परिवर्तित हो जाता है |
और वही हीरा मस्तक पर सुशोभित होता है | उदाहरणों का यह निष्कर्ष है ,कि उसे कोई फर्क नहीं पड़ताकिआप ने जन्म कहां लिया है |
आपकाकर्मही आपका स्तर निर्धारित करता है | हम ने कहां जन्म लिया यह हमारे नियंत्रण में नहीं है |
लेकिन हम कैसेकर्म करेंगे वह हमारे नियंत्रण में है | तोअच्छे कर्म कीजिए , अपने जन्म की आलोचना मत कीजिए | आपकी पहचान आपके कर्मों से है |
अच्छे कर्म ही मनुष्य के चरित्र को ऊंचा उठा सकता है

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